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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आई खुशखबरी! जहाजों की सुरक्षा के लिए आगे आया फ्रांस, तैनात किए माइंस हटाने वाले युद्धपोत

 Edited By: Vinay Trivedi @JournoVinay
 Published : Jul 04, 2026 09:27 am IST,  Updated : Jul 04, 2026 09:33 am IST

ब्रिटेन और फ्रांस ने ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी कर कहा कि होर्मुज, ग्लोबल इकोनॉमी की जीवनरेखा है। दोनों देशों ने ये भी कहा कि ओमान उनके साथ अपने क्षेत्रीय समुद्री जल को सुरक्षित करने के लिए राजी हो गया है।

France deploys mine countermeasure assets- India TV Hindi
ब्रिटेन-ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से माइंस हटाएगा फ्रांस। Image Source : EMMANUEL MACRON/X

मिडिल-ईस्ट में बढ़ती टेंशन और समुद्री व्यापार की सुरक्षा के मद्देनजर फ्रांस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने माइंस हटाने वाले Mine Countermeasures Assets को तैनात कर दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ऐलान किया कि दो माइनहंटर, दो फ्रिगेट और एक समुद्री गश्ती विमान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में भेजे हैं। इनका मकसद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के समुद्री मार्ग को पूरी तरीके से सुरक्षित बनाना और जहाजों की बिना रुके आवाजाही को सुनिश्चित करना है। फ्रांस का कहना है कि वह अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर इस जलमार्ग में नैविगेशन को सामान्य तरीके से फिर से बहाल करने के लिए तैयार है।

फ्रांस ने 2 माइनहंटर, 2 फ्रिगेट और 1 समुद्री गश्ती विमान किया तैनात

इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'फ्रांस ने मिडिल ईस्ट में माइन काउंटरमेजर संसाधनों की तैनात की है, जिनमें स्पेशली 2 माइनहंटर भी हैं। दो फ्रिगेट और एक समुद्री गश्ती विमान के साथ, ये संसाधन हमारे सहयोगी देशों के साथ मिलकर नेविगेशन को फिर से बहाल करने और Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देने के लिए तैयार हैं।'

मैक्रों ने अमेरिका-ईरान के बीच हुए MoU को बताया अहम

फ्रांस के राष्ट्रपति ने आगे लिखा, 'बीते 17 जून को अमेरिका-ईरान के बीच हुए MoU पर साइन क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम है, खासकर होर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता की पुष्टि करके। इस आशावादी घटनाक्रम और बदलती जरूरतों के मद्देनजर, ओमान के सुल्तान के साथ हुई बातचीत के बाद, मैंने अपनी तैनाती में बदलाव करने का निर्णय किया है।'

सहयोगी देशों के साथ मिलकर एक्शन लेगा फ्रांस

इमैनुएल मैक्रों ने ये भी लिखा, 'अब एयरक्राफ्ट कैरियर चार्ल्स डी गॉल अपने होम पोर्ट टूलॉन को लौट रहा है, जबकि हमारे माइन काउंटरमेजर संसाधन और उनके साथ सेफ्टी के लिए तैनात जहाज वहीं बने रहेंगे और हमारे साथी देशों के साथ मिलकर एक्शन करने के लिए तैयार रहेंगे। फ्रांस पूरी तरह से एक्टिव है और बदलते हालात व होर्मुज की सुरक्षा जरूरतों के आधार पर अपने संसाधनों में बदलाव करता रहेगा।'

मल्टीनेशनल मिलिट्री मिशन के लिए भी फ्रांस-ब्रिटेन तैयार

साथ ही, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त बयान जारी कर यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे एक Multinational Military Mission भी तैनात कर सकते हैं। दोनों देशों ने इलाके की स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय कानून, समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता और संप्रभुता के सम्मान बनाए रखने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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